उच्च शिक्षा

उच्च शिक्षा विभाग, उत्तर प्रदेश

महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ

प्रदेश के सर्वागीण, सुनियोजित एवं समग्र विकास में उच्च शिक्षा का अत्यन्त महत्वपूर्ण स्थान है। सामान्यतया उच्च शिक्षा ज्ञानार्जन विश्लेषण, शोध और अनुप्रयोग की प्रविधियों से आकार पाती है, जिसके माध्यम से ज्ञान-विज्ञान से समृद्ध ऐसी पीढ़ी का निर्माण करना है, जो उच्चतम मानवीय मूल्यों और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से युक्त हो। इस उद्देश्य की पूर्ति एवं उच्च शिक्षा को अन्तर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप सर्वसुलभ प्रासंगिक एवं अर्थपरक बनाने की राज्य सरकार की मंशा की पूर्ति के लिए उच्च शिक्षा विभाग कृत संकल्प है।

प्रदेश में उच्च शिक्षा के उद्देश्यों की पूर्ति हेतु 16 राज्य विश्वविद्यालय, 01 मुक्त विश्वविद्यालय, 01 डीम्ड विश्वविद्यालय, 27 निजी विश्वविद्यालय, 158 राजकीय महाविद्यालय, 331 अनुदान सूची पर अशासकीय महाविद्यालय तथा 5377 स्ववित्तपोषित महाविद्यालय संचालित हैं।

वित्तीय वर्ष 2017-18 में उच्च शिक्षा विभाग का कुल बजट प्राविधान रू0 269244.92 लाख का है। जिसके सापेक्ष माह नवम्बर, 2017 तक शासन द्वारा रू0 219311.79 लाख की वित्तीय स्वीकृति जारी की जा चुकी है, जारी वित्तीय स्वीकृतियों के सापेक्ष विभाग द्वारा रू0 125929.26 लाख की धनराशि अद्यतन व्यय की जा चुकी है।

  • राजकीय महाविद्यालयों में स्नातकोत्तर / स्नातक प्राचार्यो की काफी समय से लम्बित पदोन्नति प्रक्रिया को पूर्ण कर 79 स्नातक प्राचार्य एवं 34 स्नातकोत्तर प्राचार्यों को पदोन्नत किया गया है, जिससे राजकीय महाविद्यालयों में पठन-पाठन को व्यवस्थित एवं नियमित किया जा सके। इसी प्रकार समूह 'ग' के अन्तर्गत 51 कनिष्ठ सहायकों को वरिष्ठ सहायक के पद पर तथा 53 वरिष्ठ सहायकों को प्रधान सहायक के पद पर पदोन्नति की गई है।
  • राजकीय महाविद्यालयों में प्रवक्ताओं की स्थानान्तरण प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने हेतु प्रदेश में प्रथम बार ऑनलाइन स्थानान्तरण व्यवस्था प्रारम्भ की गयी, जिसके अन्तर्गत 189 प्राध्यापकों को उनके विकल्पों के अनुसार स्थानान्तरित किया गया, जिससे प्राध्यापक अपनी पूर्णता एवं दक्षता से अपनी सेवायें महाविद्यालयों में प्रदान कर सके।
  • उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग के विज्ञापन संख्या-46 के अन्तर्गत 34 विषयों के 870 चयनित अभ्यर्थियों की असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर विभिन्न सहायता प्राप्त अशासकीय महाविद्यालयों में नियुक्ति की गयी।
  • सहायता प्राप्त अशासकीय महाविद्यालयों में कार्यरत 155 मानेदय प्रवक्ताओं का आमेलन किया गया।
  • प्रदेश में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में कार्यरत शिक्षकों के लिए राज्य पुरस्कार की योजना संचालित है। इस योजना का उद्देश्य प्रदेश के राज्य विश्वविद्यालयों, राजकीय महाविद्यालयों, सहायता प्राप्त अशासकीय माहविद्यालयों तथा स्ववित्त पोषित महाविद्यालयों में कार्यरत उत्कृष्ट एवं योग्य शिक्षकों को शोध एवं शिक्षण कार्य हेतु पुरस्कार प्रदान किया जाता है। वर्ष 2017 हेतु उच्च शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट सेवा के लिए शासन द्वारा चयनित 03 शिक्षकों को सरस्वती पुरस्कार एवं 06 शिक्षकों को 'शिक्षक श्री' पुरस्कार से दिनांक 05 सितम्बर 2017 को मा0 मुख्यमंत्री जी द्वारा सम्मानित किया गया है।
  • जनसामान्य के लिए उच्च शिक्षा को सर्वसुलभ एवं गुणवत्ता युक्त बनाने के लिए प्रदेश शासन कृत संकल्प है। इस हेतु मा0 मुख्य मंत्री जी की घोषणा  के अन्तर्गत जनपद-इलाहाबाद के फूलपुर संसदीय क्षेत्र में एक राजकीय महिला महाविद्यालय की स्थापना जनपद-गोरखपुर के विकास  खण्ड-जंगल कौड़िया में एक राजकीय महिला महाविद्यालय तथा जनपद-मथुरा के नगला चन्दभान में एक राजकीय महिला महाविद्यालय की स्थापना की जा रही है। उक्त के अतिरिक्त मा0 मुख्य मंत्री जी द्वारा शहीद हीरा सिंह राजकीय महाविद्यालय जनपद चंदौली में 07 विषयों में (हिन्दी, अंग्रेजी, संस्कृत, इतिहास, अर्थशास्त्र, समाजशास्त्र एवं राजीनीति शास्त्र) स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम संचालित करने तथा पं0 दीन दयाल उपाध्याय राजकीय महाविद्यालय पलही पट्टी वाराणसी में विज्ञान एवं वाणिज्य संकाय की स्थापना की घोषणा दिनांक 25.10.2017 को की गयी ।
  • समस्त राज्य विश्वविद्यालयों को यह निर्देश दिये गये है विदेशी भाषाओं के अध्ययन / अध्यापन की कार्य योजना विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा कुलपति के नेतृत्व में तैयार की जाय तथा अग्रिम शैक्षणिक सत्र से विदेशी भाषाओं का अध्ययन / अध्यापन सभी राज्य विश्वविद्यालयों में प्रारम्भ किया जाय।
  • प्रदेश में संचालित समस्त राजकीय महाविद्यालयों में आवश्यक आधारभूत सुविधाओं यथा- गुणत्तापूर्ण पेयजल, .शौचालय एवं विद्युत व्यवस्था के सम्बन्ध में आवश्यक व्यवस्था अभियान चलाकर सुनिश्चित किये जाने के निर्देश दिये है।
  • प्रदेश के राज्य विद्यालयों में शिक्षकों के रिक्त पदों पर मानदेय के आधार पर सेवानिवृत्त शिक्षकों से शिक्षण कार्य लिए जाने हेतु शासनादेश निर्गत किया जा चुका है। सहायता प्राप्त अशासकीय महाविद्यालयों में मानदेय पर नियुक्त शिक्षकों के मानदेय में वृद्धि की गई है। उपर्युक्तानुसार मानदेय पर सेवानिवृत्त शिक्षकों से शिक्षण कार्य राजकीय महाविद्यालयों में लिए जाने की व्यवस्था विचाराधीन है।
  • राजकीय महाविद्यालयों में प्रयोगशालाओं एवं पुस्तकालयों के सुदृढ़ीकरण किये जाने हेतु समस्त आवश्कतायें पूर्ण किये जाने के निर्देश दिये गये है। राजकीय महाविद्यालयों में आधुनिक लाइब्रेरी की व्यवस्था सुनिश्चित किये जाने के निर्देश दिये गये है।
  • महाविद्यालय के शिक्षकों की कैरियर एडवांसमेन्ट स्कीम के अन्तर्गत पदोन्नति में आ रही कठिनाइयों के दृष्टिगत कैरियर एडवांसमेन्ट स्कीम एवं इसके अधीन पदोन्नति हेतु विगत सेवाओं की गणना के सम्बन्ध में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा निर्गत नियमन 2010 के प्राविधान दिनांक 28 मई, 2015 के स्थान पर दिनांक 31 दिसम्बर, 2017 से लागू कर दिया गया है, अर्थात् ऐसे शिक्षक जिनकी प्रोन्नति दिनांक 28 मई, 2015 को अथवा उसके पूर्व देय है किन्तु उनके द्वारा रिफ्रेशर / ओरिएन्टेशन कोर्स 28 मई, 2015 के पश्चात् किया गया है, को यू0जी0सी0 रेगुलेशन, 2010 के अन्तर्गत ए0पी0आई0 से छूट प्रदान करते हुए प्रोन्नति अनुमन्य होगी, किन्तु रिफ्रेशन / ओरिएन्टेशन कोर्स पूर्ण करने की तिथि 31 दिसम्बर, 2017 अथवा इसके पूर्व हो।
  • विभाग से सम्बन्धित सभी सूचनाओं को सर्व सुलभ बनाने हेतु उच्च शिक्षा विभाग की नवीन वेबसाइट प्रारम्भ की गयी है।
  • शोध, नवाचार एवं गुणवत्ता में सुधार को दृष्टिगत रखते हुए प्रदेश के महाविद्यालयों व विश्वविद्यालयों में रिसर्च एवं डेवलपमेन्ट को विशेष महत्व दिया जा रहा है। इस हेतु वित्तीय वर्ष 2017-18 में रू0 400.00 लाख की धनराशि प्राविधानित है। इसके अतिरिक्त लखनऊ विश्वविद्यालय में भाऊ राव देवरस शोध पीठ की स्थापना तथा राज्य विश्वविद्यालय में 15 दीन दयाल उपाध्याय शोध पीठ की स्थापना हेतु वित्तीय वर्ष 2017-18 में रू0 1100.00 लाख की धनराशि का बजट प्राविधान किया गया है। दीन दयाल उपाध्याय शोध पीठ की स्थापना हेतु 14 विश्वविद्यालयों के लिए 25.00 लाख प्रति विश्वविद्यालय की दर से रू0 3.50 करोड़ की स्वीकृति निर्गत की जा चुकी है।
  • उ0प्र0 राज्य विश्वविद्यालय में रिक्त शैक्षणिक पदों को भरे जाने हेतु विज्ञापन प्रकाशित किया जा चुका है। चयन की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है।
  • उ0प्र0 राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम के प्राविधानों में आवश्यक संशोधन हेतु विधिक परामर्शदाता मा0 राज्पाल / कुलाधिपति की अध्यक्षता में समिति गठित की गई। समिति की संस्तुतियों के अनुसार अपेक्षित संशोधन की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है।
  • निजी विश्वविद्यालयों को एक ही अधिनियम से अच्छादित करने हेतु एक अम्ब्रैला एक्ट के प्रख्यापन के सम्बन्ध में आलेख्य तैयार कर लिया गया है। शीघ्र प्रख्यापन किया जाएगा।
  • प्रदेश में सहायता प्राप्त अशासकीय महाविद्यालयों में शिक्षकों के रिक्त पदों को शीघ्र भरे जाने के लिये उत्तर प्रदेश उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग को क्रियाशील कर अध्यक्ष एवं रिक्त सदस्य के पदों पर नियुक्ति कर दी गई है।
  • महाविद्यालयों एवं कार्यालायों में टेण्डर व्यवस्था को पारदर्शी बनाने हेतु ई-टेंडरिंग की व्यवस्था की जा रही है।
  • प्रदेश में संस्कृत शिक्षा के परिवर्धन एवं विशिष्टकीकरण हेतु महामना पं0 मदन मोहन मालवीय संस्कृत विश्वविद्यालय की स्थापना प्रक्रियाधीन है।
  • अहिल्याबाई नि:शुल्क शिक्षा योजना के अन्तर्गत सभी छात्राओं को स्नातक स्तर तक नि:शुल्क शिक्षा प्रदान की जायेगी। इस हेतु वित्तीय वर्ष 2017-18 में रू0 2112.00 लाख का बजट प्राविधान है। स्नातक स्तर पर विश्वविद्यालय परिसर, राजकीय महाविद्यालयों तथा सहायता प्राप्त अशासकीय महाविद्यालयों (स्ववित्त पोषित पाठ्यक्रमों को छोड़कर) में अध्ययनरत छात्राओं को नि:शुल्क शिक्षा दिये जाने सम्बन्धी कार्यवाही प्रक्रियाधीन है।
  • महाविद्यालयों तथा विश्वविद्यालय में नि:शुल्क वाई-फाई की सुविधा उपलब्ध करायी जायेगी। इस हेतु वित्तीय वर्ष 2017-18 में 50.00 करोड़ की धनराशि प्राविधानित है। समस्त राजकीय महाविद्यालयों के पुस्तकालय एवं छात्रा कॉमन रूम में नि:शुल्क वाई-फाई की सुविधा उपलब्ध करायी जा चुकी है।
  • राज्य विश्वविद्यालय के शैक्षिक सत्र को विनियमित करने हेतु शैक्षणिक कैलेण्डर शासन स्तर से दिनांक 07 सितम्बर, 2017 को निर्गत किया गया।
  • राज्य विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालयों में कला, विज्ञान एवं वाणिज्य की स्नातक कक्षाओं में सीट वृद्धि के आदेश दिनांक 07 सितम्बर, 2017 को निर्गत किये गये।
  • उत्तर प्रदेश राज्य विश्वविद्यालय (संशोधन) अधिनियम, 2017 का प्रख्यापन विधायी विभाग की अधिसूचना दिनांक 01 जनवरी, 2018 द्वारा किया गया, जिसके माध्यम से डॉ0 भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय, आगरा के नाम से विद्यमान त्रुटि का निराकरण किया गया।
  • महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, दार्शनिक एवं चिंतक बालगंगाधर तिलक के "स्वराज्य मेरा जन्म सिद्ध अधिकार है और इसे मैं लेकर रहूँगा" विषयक उदघोष के 101वें वर्ष के उपलक्ष्य में सम्पूर्ण उत्तर प्रदेश के उच्च शिक्षा संस्थानों - केन्द्रीय विश्वविद्यालय, राज्य विश्वविद्यालय, शासकीय, अशासकीय, स्ववित्त पोषित, व्यावसायिक एवं तकनीकी संस्थानों के कुल 14 ग्रुप बनाकर भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया तथा उत्कृष्टतम् चयनित 03 छात्र / छात्राओं को माननीय मुख्यमंत्री द्वारा 30 दिसम्बर, 2017 के लोक भवन के कार्यक्रम में पुरस्कृत किया गया।
  • प्रदेश सरकार द्वारा प्रदेश में प्रथम वार 24 जनवरी, 2018 को उत्तर प्रदेश दिवस मनाया जा रहा है इस अवसर पर उत्तर प्रदेश में विकास की सम्भावनाएं विषय से छात्र / छात्राओं को जोड़ते हुए उनकी भागीदारी सुनिश्चित करते हुए ऑनलाइन प्रजेनटेसन के द्वारा 11 उपयुक्त विषयों पर विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों के विद्यार्थी के मध्य जोन / राज्य स्तर पर प्रतियोगिता का आयोजन सफलतापर्वूक किया गया।
  • परीक्षाओं में शुचिता एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करने हेतु उ0प्र0 राज्य विश्वविद्यालयों की परीक्षा हेतु केन्द्र निर्धारण के सम्बन्ध में दिनांक 01.02.2018 द्वारा विस्तृत दिशा-निर्देश निर्गत किए गए है। मुख्य रूप से स्वकेन्द्र व्यवस्था के स्थान पर यथासम्भव निकटतम महाविद्यालयों को परीक्षा केन्द्र बनाए जाने तथा छात्राओं के लिए स्वकेन्द्र व्यवस्था रखे जाने के निर्देश निर्गत किए गए है।