सूचना प्रौद्योगिकी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स

वर्तमान सरकार के कार्यकाल की प्रमुख उपलब्धियाँ आईटी एवं इलेक्ट्रानिक्स विभाग, उत्तर प्रदेश

  • शासकीय विभागों में ई-टेण्डरिंग प्रणाली
    • उत्तर प्रदेश के सभी शासकीय विभागों इत्यादि में ई-टेण्डरिंग प्रणाली बाध्यकारी कर दी गई है तथा माह अप्रैल 2017 के उपरान्त उ0प्र0 शासन के ई-टेण्डर पोर्टल से अद्यतन रू. 1.167 लाख करोड़ मूल्य की 1,42,693 निविदायें आमंत्रित की गई है।
    • टेण्डरिंग प्रक्रिया में असामाजिक तत्वों के हस्तक्षेप को पूरी तरह से समाप्त करने के लिए निविदा शुल्क तथा धरोहर धनराशि (EMD) की प्राप्ति और भुगतान इन्टरनेट बैंकिग / NEFT / RTGS से किये जाने की व्यवस्था कार्यान्वित की जा रही है। इस सम्बन्ध में एक शासनादेश दिनांक 05 सितम्बर 2017 को निर्गत किया गया है तथा भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) तथा आईटी एवं इलेक्ट्रानिक्स विभाग, उ0प्र0 शासन के मध्य दिनांक 08 जनवरी 2018 को एक एमओयू हस्ताक्षरित कर लिया गया है।
    • शासकीय विभागों इत्यादि में निर्माण कार्यों, सेवाओं / जॉब-वर्क एवं सामग्री के क्रय तथा चालू दर एवं दर अनुबन्ध (रेट कॉन्ट्रैक्ट) की प्रक्रिया में पारदर्शिता एवं प्रतिस्पर्द्धा सुनिश्चित करने तथा भ्रष्टचार को समाप्त करने हेतु निविदा-प्रक्रिया में मानवीय हस्तक्षेप को समाप्त करने के लिए सरकार पूर्ण कटिबद्ध है।
    • शत-प्रतिशत ई-टेण्डरिंग प्रणाली के कार्यान्वयन के लिए हाल ही में गुरूग्राम में आयोजित स्मार्ट सिटी समिट में प्रदेश को पुरस्कृत किया गया है।
  • उत्तर प्रदेश की आईटी तथा इलेक्ट्रानिक्स विनिर्माण नीतियाँ
    • प्रदेश सरकार द्वारा "उ0प्र0 सूचना प्रौद्योगिकी एवं स्टार्ट-अप नीति-2017" तथा "उ0प्र0 इलेक्ट्रनिक्स विनिर्माण नीति-2017" उद्घोषित की गई है जिसमें "बुन्देलखण्ड तथा पूर्वान्चल क्षेत्र में बी.पी.ओ. तथा आईटी / आईटीएस इकाइयों की स्थापना हेतु अतिरिक्त प्रोत्साहन" की व्यवस्था की गई है।
    • उ0प्र0 इलेक्ट्रनिक्स विनिर्माण नीति - 2017 के अन्तर्गत नॉयडा, ग्रेटर नॉयडा तथा यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण क्षेत्र को "इलेक्ट्रानिक्स मैन्युफैक्चरिंग जोन (ई.एम.जेड)" घोषित किया गया है।
    • नीतियों के अन्तर्गत निवेशकों को अनुमन्य किए जाने वाले "वित्तीय प्रोत्साहनों को रोजगार सृजन से सम्बद्ध" किया गया है।
  • प्रदेश में आईटी पार्क्स की स्थापना
    • प्रदेश में रू0 150 करोड़ के निवेश तथा लगभग 15000 रोजगार सम्भावनाओं युक्त आईटी पार्क्स की स्थापना प्रदेश के विभिन्न जनपदों में की जा रही है।
    • मेरठ तथा आगरा में निर्माण कार्य आरम्भ हो गया है तथा दिसम्बर 2018 तक इसे पूर्ण किया जाना परिलक्षित है।
    • लखनऊ में यूपीडीपीएल की भूमि पर आईटी पार्क की स्थापना की जायेगी। भूमि मूल्य की प्रथम किश्त का भुगतान कर दिया गया है।
  • इलेक्ट्रानिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लसटर्स
    • यमुना एक्सप्रेसवे के सेक्टर 24 स्थित भूखण्ड संख्या 6ए पर इलेक्ट्रानिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर की स्थापना हेतु भारत सरकार का अन्तिम अनुमोदन प्राप्त हो गया है।
    • ग्रेटर नॉयडा के ईकोटेक-6 में इलेक्ट्रानिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर की स्थापना हेतु "स्टीयरिंग कमेटी फॉर क्लस्टर्स" द्वारा भारत सरकार का अन्तिम अनुमोदन प्रदान करने हेतु निर्णय ले लिया गया है। इस क्लस्टर में चीन तथा ताईवान की कम्पनियों द्वारा लगभग रू. 3000 करोड़ का निवेश कर अपनी उत्पादन इकाइयाँ स्थापित की जायेंगी। मार्च 2018 से इस क्लस्टर का निर्माण कार्य प्रारम्भ किया जाना परिलक्षित है।
  • स्टार्ट-अप्स को बढ़ावा
    • स्टार्ट-अप संस्कृति को बढ़ावा तथा उद्यमिता को प्रोत्साहन के लिए 10 इन्क्यूबेटर्स कार्यरत हो गये है। प्रदेश के विभिन्न नगरों में 13 इन्क्यूबेटर्स प्रस्तावित है।
    • इन इन्क्यूबेटर्स में 100 से अधिक स्टार्ट-अप इकाइयाँ कार्यरत है तथा शीघ्र ही इनकी संख्या में और वृद्धि होगी।
    • देश के सबसे बड़े स्टार्ट-अप इन्क्यूबेटर की स्थापना लखनऊ में यू.पी.डी.पी.एल. की नादरगंज, औद्योगिक क्षेत्र में अवस्थित भूमि पर की जानी है, जिसके लिए भूमि मूल्य की प्रथम किश्त का भुगतान कर दिया गया है। आईटी एवं इलेक्ट्रनिक्स विभाग, उ0प्र0 के पक्ष में हस्तान्तरण शीघ्र ही सम्भावित है।
  • शासन में ई-आफिस व्यवस्था
    • शासन के समस्त विभागों में ई-ऑफिस प्रणाली लागू करने के क्रम में प्रथमत: सचिवालय परिसर स्थित 21 विभागों में ई-ऑफिस प्रणाली दिनांक 27.10.2017 से प्रारम्भ की गई। सम्पूर्ण प्रदेश स्थित शासकीय कार्यालयों इत्यादि में दिनांक 01 अप्रैल 2018 से ई-ऑफिस प्रणाली लागू किया जाना परिलक्षित किया गया है।